Bhavanath Jha

Associates

पं. भवनाथ झा


  • पिता- पं. अमरनाथ झा
  • माता- योगेश्वरी देवी
  • जन्म-तिथि- सितम्बर, 1968 ई.
  • स्थायी निवास ग्राम- हटाढ़ रुपौली, डाकघर- हटाढ़ रुपौली भाया- झंझारपुर, जिला- मधुबनी, बिहार।
  • वर्तमान पत्राचार संकेत-  प्रकाशन विभाग, महावीर मन्दिर,  पटना, 800001
  • फोन नं.- 9430676240, 7766055128
  • वर्तमान निवास खासमहल मोड़, पोस्टल पार्क रोड, पटना-800020

  • शिक्षा-  
  • एम.ए. (संस्कृत) ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा, 1992 ई.
  • साहित्याचार्य, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय, दरभंगा, 1995.

  • सेवा-  प्रकाशन पदाधिकारी, प्रकाशन विभाग, महावीर मन्दिर न्यास, 2003 ई. से अद्यतन।

  • अध्यापन-  व्याख्याता, साहित्य विभाग, अजित कुमार मेहता संस्कृत शिक्षण संस्थान, लदौरा, कल्याणपुर, समस्तीपुर, 1998-2003 तक। ;मानव संसाधन विभाग, भारत सरकार से सम्बद्ध राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान से स्वीकृत।)

  • मनोनयन- समानित सदस्य, बिहार राज्य धर्मिक न्यास पर्षद् (राज्य सरकार की संस्था), 2010 ई. से मार्च 2016 तक।

  • भाषा-ज्ञान- मैथिली (मातृभाषा), संस्कृत, हिन्दी, अंग्रेजी।

  • प्राचीन लिपि-ज्ञान- मिथिलाक्षर, देवनागरी, कैथी, बंगला, ब्राह्मी।

  • विशेष दक्षता-  पाण्डुलिपि-विज्ञान एवं शिलालेख-विज्ञान।

  • सम्मान
  •  विशिष्ट संस्कृतसेवी सम्मान,  संजीवन समाज, पटना, 2016
  • दिव्यरश्मि सम्मान, 2016, पवनसुत सर्वागीण विकास केन्द्र, पटना 2016,
  • साहित्य लेखन के क्षेत्र में ‘केवल सच’ मासिक पत्रिका, पटना द्वारा चम्पारण सत्याग्रह सम्मान, 2017

  • ग्रन्थ लेखन
  1. बुद्धचरितम्- (संस्कृत पद्यानुवाद) महाकवि अश्वघोष कृत प्रसिद्ध महाकाव्य के अनुपलब्ध अंश का तिब्बती एवं चीनी अनुवाद के आधार पर मूल शैली में संस्कृत श्लोकों में रूपान्तरण, महावीर मन्दिर प्रकाशन, 2013 ई.
  2. भ्रूणपञ्चाशिका- (मौलिक संस्कृत काव्यरचना), महावीर मन्दिर प्रकाशन, पटना, 2013 ई.

  • सम्पादन-
  1. यक्षसमागमम्- म.म. परमेश्वर झा कृत संस्कृत काव्य की संस्कृत व्याख्या एवं हिन्दी अनुवाद, 1996
  2. अगस्त्य-संहिता- वैष्णव आगमशास्त्रीय ग्रन्थ का पाण्डुलिपि से सम्पादन एवं हिन्दी अनुवाद, महावीर मन्दिर प्रकाशन, पटना, 2009 ई.
  3. दुर्गासप्तशती- स्व. कृष्णचन्द्रमिश्र द्वारा संकलित प्राचीन संस्कृत टीकाओं पर आधारित हिन्दी में विशेष व्याख्या एवं टिप्पणी के साथ, महावीर मन्दिर प्रकाशन, 2005 से 2017 तक कुल 5 संस्करण
  4. रुद्रार्चन-पद्धति- वैदिक साहित्य में रुदिर  सम्बद्ध सूक्तों का संकलन, (सह सम्पादन एवं हिन्दी अनुवाद) महावीर मन्दिर प्रकाशन, पटना, 2004 ई.
  5. रामार्चन-पद्धति- रामानन्दाचार्य कृत रामार्चन-पद्धति, हिन्दी अनुवाद सहित सह सम्पादन, महावीर मन्दिर प्रकाशन, 2004 ई.
  6. Mundeshvari: The oldest Recorded Temple in the Country पुस्तक के हिन्दी भाग का सम्पादन, 2008 ई.
  7. पुष्पमाला- म.म. रुद्रधर कृत पुष्पमाला का पाण्डुलिपि से प्रथन सम्पादन एवं मैथिली अनुवाद, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के व्याकरण विभाग की स्मारिका, 2011 ई.
  8. नाह्निदत्तपञ्चविंशतिकाविवरणम्- म.म. नाह्निदत्तकृत पञ्चविंशतिका की म.म. रुचिपति कृत विवरण नामक व्याख्या के साथ हिन्दी अनुवाद सहित सम्पादन, शास्त्रार्थ शोधपत्रिका, मिथिला शोध संस्थान, दरभंगा, 2014 ई.
  9. व्यवहार रत्नावली- म.म. पशुपतिकृत वियवहाररत्नावली का पाण्डुलिपि से सम्पादन, शास्त्रार्थ शोधपत्रिका, मिथिला शोध संस्थान, दरभंगा, 2014 ई.
  10. सोमवारी व्रतकथा- पाण्डुलिपि से सम्पादन। पूर्व-प्रकाशित प्रतियों में बहुत सारे श्लोक अनुपलब्ध होने कारण पुनः सम्पादन की आवश्यकता हुई।  हिन्दी अनुवाद के साथ संशोधित रूप में प्रकाशन। धर्मायण, महावीर मन्दिर की पत्रिका, अंकसंख्या  78, अप्रैस-सितम्बर, 2009ई.
  11. वैष्णवमताब्जभास्कर (पदच्छेद एवं हिन्दी अनुवाद) आचार्य किशोर कुणाल का ग्रन्थ आचार्य रामानन्द एवं उनका वैष्णवमताब्जभास्कर के साथ प्रकाशित, महावीर मन्दिर प्रकाशन, पटना, 2014
  12. मैथिली क्रियापदकोष (व्याकरण ग्रन्थ), म. वै. दीनबन्धु झा कृत, ब्राह्मी प्रकाशन, मधुबनी, 2016
  13. मिथिलातीर्थप्रकाश (संस्कृत ग्रन्थ का सह-सम्पादन) मूल लेखक- श्रीकृष्ण ठाकुर, मिथिला शोध संस्थान, (बिहार सरकार के उच्च शिक्षा विभाग की ईकाई, दरभंगा, 2017
  14. मैथिलभक्तिप्रकाश, (मैथिली प्राचीन गीत संग्रह) ललितेश्वर सिंह द्वारा संकलित, ब्राह्मी प्रकाशन, 2017
  15. मांसपीयूषलता- (सम्पादन एवं हिन्दी अनुवाद) म.म. मदन उपाध्याय कृत ग्रन्थ का पाण्डुलिपि से प्रथम सम्पादन, प्रकाशनाधीन।

  • शोध-आलेख
  • “वाल्मीकि-रामायणे ज्यौतिस्तत्त्वम्”, डा. उमारमण झा अभिनन्दनग्रन्थ, लखनउ, 2006
  • “मधुबनी में तिरहुता लिपि का अस्तित्व” ये मधुबनी है, मधुबनी जिला गजेटियर, जिला प्रशासन, मधुबनी, 2003 ई.
  • “रुद्रयामलक प्रक्षिप्त अंशमे मिथिलाक इतिहास”, मिथिला भारती, मैथिली साहित्य परिषद्, पटना, 2014
  •  “अठारहम शताब्दीक एकटा पत्र: मिथिलाक ऐतिहासिक आ सांस्कृतिक तथ्य”, मिथिला भारती, मैथिली साहित्य परिषद्, पटना, 2015
  •  “मिथिला सँ उपलब्ध कतिपय नव शिलालेख”, मिथिला भारती, मैथिली साहित्य परिषद्, पटना, 2016 ई.
  • इनके अतिरिक्त पाँचवाँ-स्तम्भ, युगधारा, दिव्यरश्मि आदि विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में शोधपरक आलेख।

  • भूमिका-लेखन
  • साम्ब-पुराणम्, सम्पादक- पं, गौरीनाथ झा
  • पञ्जीप्रबन्ध– डा. योगनाथ झा की पुस्तक पर ऐतिहासिक विवेचन, अंकित प्रकाशन, दरभंगा, 2010 ई.

  • सेमिनार एवं कार्यशाला-
  1. शोधपत्र वाचन- बोधगया एवं पटना में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संमिनार में Emperor Ashoka and Buddhism विषय पर बौद्ध महोत्सव, 2013.
  2. संसाधन-पुरुष- स्नातकोत्तर संस्कृत विभाग, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा, ‘भारतीय वाङ्मय में वर्णित कृष्णचरित की प्रासंगिकता’ विषय पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा आयोजित संगोष्ठी, 2012ई.
  3. Resource person- National Translation Mission, National Seminar on “Knowledge text Translation in Maithli”, 23-24 Nov., 2010.
  4.  Resource person- National Translation Mission, Workshop for translation into Sanskrit of the web-content of The Indian Institute of Languages, Mysore, February, 2015.
  5. Resource person- National Manuscript Mission, Workshop scripts training, (On Mithilakshar Script) Bhagalpur University, June, 2015.
  6. Resource person- Nalanda Open University, Workshop scripts training, Patna, 23 January, 2016.
  7. संसाधन-पुरुष- महावीर मन्दिर द्वारा आयोजित, कर्मकाण्ड प्रशिक्षण कार्यशाला, कोनहार घाट, हाजीपुर, अगस्त-सितम्बर, 2016 ई.
  8. Center for Development of Advance Computing (C-DAC) पूना में त्रिदिवसीय कार्यशाला (दिनांक 1 अगस्त से 3 अगस्त, 2017) में मिथिलाक्षर/तिरहुता Unicode font का मानक स्वरूप-निर्धारण। 
  9. Shankar Sikshayatan, New Delhi एवं कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय, दरभंगा के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित चक्रवर्ति पं. मधुसूदन ओझा के व्यक्तित्व एवं कर्तृत्व पर आयोजित द्विदिवसीय सेमिनार (दिनांक 04-05 नवम्बर, 2017) में पुराणनिर्माणाधिकरणम् ग्रन्थ की समीक्षा पर शोध-पत्र का वाचन