Manuscriptology

Mithila Manuscripts and its manuscriptology along with some books published from Manuscripts

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Simaria and Chamtha Ghat in Begusarai District: A Religious Annotation मिथिला की गंगा के तट का माहात्म्य, चौमथ घाट एवं सिमरिया के सन्दर्भ में

हाल के कुछ वर्षों में पाण्डुलिपियों के अध्ययन एवं प्रकाशन के क्रम में इन पंक्तियों के लेखक को  रुद्रयामल तन्त्र के एक अंश के नाम पर परवर्ती काल में लिखी दो रचनाएँ मिलीं हैं, जिनमें मिथिला के इतिहास एवं भूगोल पर कुछ सामग्री है। एक रचना रुद्रयामलसारोद्धारे तीर्थविधिः के नाम से है जिसका प्रकाशनमैथिली साहित्य संस्थान की शोधपत्रिका मिथिला भारती के नवांक 1 में हुआ है। इसमें कुल 98 श्लोक हैं। इसमें अधिकांश वर्णन मिथिला से बाहर के तीर्थों काशी प्रयाग, गंगा-सरयू संगम क्षेत्र आदि का है, किन्तु घटना चक्र के केन्द्र में मिथिला का गंगातट है, जो बेगूसराय जिला में अवस्थित चमथा घाट है। continue reading>>


पुस्तकक नाम- पण्डित गणनाथ झा रचनावली । सम्पादक- प्रो. यशोदानाथ झा । प्रकाशक- श्री यशोदानाथ झा, आनन्द कुटीर, पाहीटोल, पो. सरिसब-पाही, मधुबनी-847424 (बिहार)। प्रकाशन वर्ष- 2017 ई., प्राप्तिस्थान- उपरिवत्। मूल्य– 200.00. मुद्रक- एकेडमी प्रेस, 602, दारागंज, इलाहाबाद। पृष्ठ संख्या– 278।. सजिल्द। continue reading>>

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