A list of Auspicious Food for Offering to God and Ancestors

हविष्य वस्तुक सूची

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(जाहि खाद्य पदार्थसँ हवन कएल जेबाक विधान अछि से भेल हविष्य। एकर सोझ अर्थ छैक जेकर व्यवहार देव-पितरक काजमे हो, माने पवित्र खाद्य पदार्थ भेल हविष्य। शास्त्रमे बहुतो खाद्य पदार्थक निषेध कएळ गेल अछि। ओकरा सामिष कहि माँसक समान मानि वर्जित कएल गेल अछि। बहुत एहन वस्तु अछि जेकर ने तँ निन्दा अछि आ ने निषेध। मुदा बहुत खाद्य पदार्थक प्रशंसा कएल गेल अछि, विधान कएल गेल अछि। तें एहेन जे विहित खाद्य पदार्थ से भेल हविष्य। एकर सूची मिथिलाक परम्परामे कतेको धर्मशास्त्री देने छथि। एतए पं. गंगाधर मिश्रक देल गेल सूची संकलित अछि। प्रसिद्ध धर्मशास्त्रीय निबन्धकार अमृतनाथक ग्रन्थ कृत्यसारसमुच्चयक परिशिष्ट भागमे पं. गङ्गाधर मिश्र ई सूची देने छथि।)

  1. अगहनी धानक चाउर, जे उसिनल नै गेल हो।
  2. जाहि धानक भुस्सा आ गूडा उज्जर हो से उत्तम, जकर भुस्सा तँ उज्जर हो मुदा चाउर लाल हो से मध्यम, आ जकर भुस्सा आ गूडा दूनू लाल हो से हविष्य नहिं थीक।
  3. खेरही, तिल, जौ, केराव, काउनि, ओरही (ओइरी जे बिना बाओग केने चर आदि मे उपजैत हो, आ अधपकुएमे झडि जाइत हो।)
  4. बथुआ, हिलमोचिका, सरहँची, करमी साग, कञ्चूक पात। पुदीना सेहो ईरानसँ अएबाक कारणें पवित्र खाद्य नहिं थीक।
  5. शतावरी आदि कंद, केउँआक कन्द, आरु, खम्हारु। कन्दमे आलू सेहो प्राचीन परम्पराक अनुसार हविष्यान्न नहिं थीक।
  6. सिंधा नोन आ समुद्री नोन हविष्य थीक।
  7. गायक दही आ घी। गायोक दूध ताबते धरि हविष्य थीक जा धरि ओहिसँ मक्खन (नेनु) आदि निकालल नै गेल हो।
  8. गायक घीक अभावमे तिलक तेलक दीप जरएबाक विधान अछि मुदा महिंसक घीसँ नहिं।
  9. कटहर, आम, केरा, हरीर, पीपरि, जीर, धनी, सोंठि, तेतरि, केरा, हरफा, धात्री, एतेक हविष्य थीक।
  10. मिसरी हविष्य थीक, मुदा गुड आमिष थीक।
  11. विना तेलक पकाओल अर्थात् भूजल हविष्य सेहो आमिष थीक, मुदा गायक दूधमे रान्हल अथवा जलमे उसिनल. पायस, भात आदि हविष्यान्न थीक।
  12. बदाम (चना), राहरि, उडीदक दालि,
  13. गहूम ने तँ आमिष थीक आ ने हविष्यान्न, मुदा जौक बदलामे गहूमक व्यवहार कएल जाए से उल्लेख भेटैत अछि। सत्यनारायणक कथा गहूमक व्यवहारक उल्लेख भेटैत अछि।
  14. हविष्यान्न में जौ सभसँ ऊपर। तकर बाद गम्हरी आ तकर बाद अगहनी धान- ई क्रम अछि।
  15. कार्तिक मे तँ एहूमे सँ बहुत रास हविष्य वस्तु कें अभक्ष्य मानल गेल अछि।
  16. मरीच हविष्य नहिं थीक।