Brahmi Publication

Mithila, History, Literature and Art

Bihar: Mati Ki Sugandha

संकलनकर्ता

पं. भवनाथ झा,

सम्पादक, धर्मायण, महावीर मन्दिर, पटना

प्रकाशक- विश्व हिन्दू परिषद्,  दक्षिण बिहार, हनुमन्त आश्रम, सुमतिपथ, रानीघाट, महेन्द्रू, पटना-800006

दूरभाष/फैक्स

सर्वाधिकार- प्रकाशकाधीन, वर्ष- 2016,  प्रति- 5000

 सहयोग राशि- रुपये 100.00

मुद्रक- प्रकाश इंटरप्राइजेज, धरहरा कोठी, नयाटोला, पटना, मो. 9835270863

विश्व हिन्दू परिषद् की दक्षिण बिहार शाखा के द्वारा प्रकाशित इस पुस्तिका में बिहार की गौरव-गाथा संकलित की गयी है। बिहार अपनी परम्परा, इतिहास, पुरातत्त्व, ज्ञान-विज्ञान की दृष्टि से भारतवर्ष के राज्यों में अपना महत्तवपूर्ण स्थान रखता है। 80 पृष्ठों की इस पुस्तिका में निम्नलिखित आलेख हैं, जो सबके लिए पठनीय हैं-

विषय-क्रम

  1. बिहार – भारत का गौरवपूर्ण पूर्वी प्रदेश, डा. शत्रुघ्न प्रसाद   3
  2. बिहार में भगवान् श्रीराम के चरण-चिह्न आचार्य किशोर कुणाल एवं पं. भवनाथ झा के आलेखों के आधार पर   8
  3. बिहार के पौराणिक सिद्धिक्षेत्र,  पं. भवनाथ झा            13
  4. बिहार के स्मरणीय एवं प्रेरक व्यक्तित्व, पं. भवनाथ झा      20
  5. बिहार के कुछ धार्मिक-स्थलों का परिचय, पं. भवनाथ झा     35
  6. चौरासी सिद्धों में बिहार के 36 सिद्ध कवि, डा. श्रीकान्त सिंह   60
  7. बिहार के गौरवशाली प्राचीन विश्वविद्यालय, पं. भवनाथ झा    65
  8. बिहार के धराधाम पर माता गंगा, पं. भवनाथ झा    68
  9. विभिन्न आन्दोलन, पं. भवनाथ झा       72
  10. बिहार के कुछ प्रमुख लोक-पर्व, पं. भवनाथ झा एवं श्री उत्पल कुमार   74
error: Content is protected !!