वाल्मीकीयरामायणे न केवलं द्वादशराशीनामुल्लेखः, अपि तु जन्मलग्नं विनिश्चित्य भावानामपि गणनायाः सङ्केतः प्राप्यते। ग्रहाणामुच्चैः नीचैश्च स्थानेषु अवस्थानमपि तत्र गणितम् । Continue Reading

मिथिलाक ज्योतिष परम्परामे नाह्निदत्त कृत पंचविंशतिका एकटा महत्तवपूर्ण ग्रन्थ अछि। एकर व्याख्या म.म. रुचिपति (15म शती) केने छथि। एकर पाण्डुलिपि एतए देखल जा सकैत अछि।Continue Reading

श्राद्ध आ एकोद्दिष्टक विषयमे कुतुप कालक विचार होइत अछि। एकोद्दिष्ट आदि पितृकर्म कोन तिथिक कोन दिन होएत आ कखनि आरम्भ करबाक चाही तकर विचार करबामे कुतुप आ रोहिण नामक दू मुहूर्तक विचार कएल जाइत अछिContinue Reading

Mithila painting

एहिसभ विषयकें आधुनिक लोक दकियानूसी बुझैत छथि। मुदा हमरालोकनिकें बुझबाक चाही जे हमर पूर्वज एकर निर्वाह कए गेल छथि। ई हमरासभक परम्परा थीक।Continue Reading

भारतक इतिहासमे ई परम सत्य अछि जे यूरोपियन इतिहासकार लोकनि भारतक प्राचीन साहित्यक इतिहास के निर्णय करबामे न्याय नै कएने छथि।Continue Reading