Kadamon ke Nishan

मैथिली कविता में प्रतिष्ठित कवि डॉ. धीरेन्द्र सिंह ने साझा संकलन ‘डेग’ और स्वतंत्र संकलन ‘पितामहक नाम’ के माध्यम से मैथिली कविता में अपनी उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई थी। ‘जो गै बसंती’ कथा-संग्रह भी चर्चित रहा। बाद में डॉक्टरी पेशे में मिलती गयी दिन-ब-दिन की सफलता ने इन्हें इतना अधिक व्यस्त रखा कि साहित्य में इनकी सक्रियता घटती चली गयी। मगर अब अपने लेखन की दूसरी पारी में वे फिर से सक्रिय हैं। धीरेन्द्र सिंह की कविताएँ जीवन-मूल्य की पड़ताल करती हैं। शोषित-पीड़ित जनता के दुख-दर्द का साझीदार बनती इनकी कविताओं में आत्मा की पुकार है। भाषा बहुत ही सहज और हृदयग्राही है। इस संग्रह से हिन्दी के पाठक मैथिली कविता के एक अलग रूप से परिचित होंगे, जिसमें सादगी के साथ तीखापन है।Continue Reading

प्रस्तुत संकलन डा. एस. एन. पी. सिन्हा द्वारा लिखित एवं विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में पूर्व प्रकाशित आलेखों, संस्मरणों, भेंटवार्ताओं एवं विभिन्न अवसरों पर दिये गये व्याख्यानों का दूसरा संकलन है। Continue Reading

Cancer Ka Gyan cover

That is where this book by Dr. Dhirendra fulfills a huge need. It is written in Hindi, in a simple language, keeping a common man in mind. Continue Reading