रामभरोस कापडि ‘भ्रमर’

जन्म – २००८ साल,

जन्मस्थान- बघचौरा, जिला- धनुषा (नेपाल) हाल १३५५५

सरस्वती सदन जनकपुरधाम, फोन, फैक्स नं. ०४१-२०२६७,

सम्पर्क : भ्रमरकुंज, शिवपथ,जनकपुरधाम – १

मो- ९८५४०२०८८९

E-mail: bhramar.2010@gmail.com

शिक्षा

एम्. ए. (त्रिभुवन विश्वविद्यालय)

पत्रकारिता

  • २०२६-२७मा वैदेही साप्ताहिकको कार्यालय प्रतिनिधिबाट पत्रकारिता सुरु गरी निरन्तर गत ४६ वर्षदेखि विभिन्न पत्रपत्रिकामा हुँदै
  • २०४९ सालमा कान्तिपुर दैनिकको प्रारम्भदेखि नै ५ वर्षसम्म जनकपुर समाचार दाताको रूपमा कार्यरत रहिसकेको ।
  • आफ्नै सम्पादनमा गत ३४ वर्षदेखि नेपालको एक मात्र मैथिली साप्ताहिक गामघरको सम्पादन प्रकाशन गर्दै आएको ।
  • आँजुर मैथिली द्वैमासिकको पनि विगत अठारह बर्ष देखी सम्पादन प्रकाशन गर्दै आएको ।
  • स्थानीय नेपाली दैनिकहरू सुप्रभात (२०५४) केही बर्ष र हाल जनकपुर एक्सप्रेस (२०५५) देखि निरन्तर सम्पादन-प्रकाशन गर्दै आएको।

आलेख

  • समसामयिक सन्दर्भमा विवेचनात्मक सांस्कृतिक अध्यात्मिक पुरातात्विक र अन्य साहित्यिक लेख रचनाहरू नेपालका सबै प्रतिष्ठित पत्रहरू गोरखापत्र, राइजिङ नेपाल, काठमाडौ पोस्ट, राजधानी दैनिकलगायत मधुपर्क, गरिमा, कान्तिपुर, सर्वोत्तम, मिर्मिरे आदिमा निरन्तर प्रकाशित भइरहेको ।

प्रकाशित कृति

सर्वप्रथम मिथिला मिहिर (पटना)मा इमानदार बालक बालकथाको प्रकाशन १९६४ ई.मा), र कवितामा सितम्बर + अक्टूबर १९६८ को मैथिली पत्रिका आखर (कलकत्ता) मा ‘अन्हरिया-इजोरिया’ नामक कविता प्रकाशित।

काव्य

  1. बन्न कोठरी औनाइत धुंवा (कवितासंग्रह) : २०२९ साल,
  2. नहि, आब नहि (दीर्घकविता) २०३६ साल,
  3. मोमक पघलैत अधर (गीत-गजलसङ्ग्रह) १९८३ ई.
  4. अप्पन अनचिन्हार ( कवितासंग्रह) : १९९० ई.,
  5. भयो अब भयो (अनुवाद)
  6. बस अब नही (हिन्दी अनुवाद),
  7. अन्हरियाक चान ( गजल संग्रह)२०७०

कथासंग्रह

  1. तोरा संगे जएबौ रे कुजबा, १९८४ ई.
  2. हुगली ऊपर बहैत गंगा, २०६५

उपन्यास

  1. घरमुहाँ २०६९.

नाटक

  1. रानी चन्द्रवती. २०४५ साल,
  2. एकटा आओर वसन्त २०५२ साल,
  3. महिषासुर मुर्दावाद एवं अन्य नाटक २०५४ साल,
  4. भ्रमरका उत्कृष्ट नाटकहरू (नेपाली अनुवाद) २०६४
  5. भैया अएलै अपन सोराज (नाटक) २०६७ ।
  6. सूलीपर इजोत एवं अन्य नाटक। प्र.जनकपुर ललित कला प्रतिष्ठान

शोध

  1. जनकपुरधाम र यस क्षेत्रका सांस्कृतिक सम्पदाहरू २०५६ साल,
  2. राजकमलक कथासाहित्यमे नारी : २०६४ साल,
  3. लोकनाट्य : जट-जटिन २०६४ :
  4. Cultural Heritage of Janakpur – २०६२ साल ।
  5. मैथिली लोकसंस्कृति (आलेख संग्रह) २०६६ ।
  6. तराईको फांट देखि हिमालको काख सम्म (आलेख संग्रह), प्रकाशक साझा प्रकाशन, २०६७ ।
  7. मैथिल लोक संस्कृति विविध आयाम । प्रकाशक नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान,२०१८ ई.।
  8. मिथिलाक सपूत राजा सलहेस ।प्र. भोर सांस्कृतिक-सामाजिक संस्था, २०१७ ई. ।

विविध

  1. आजको धनुषा : २०३९ साल,
  2. जनकपुर लोकचित्र : २०४६ साल ।
  3. समयको अन्तराल पछ्याउदै आलेख संग्रह, २०६६ साल
  4. ठेकान पर (विचार संग्रह),
  5. समय-सन्दर्भ (निबन्धसंग्रह) २०६८ ।

सम्पादन

  1. मैथिली पद्यसङ्ग्रह : (नेपाल राजकीय प्रज्ञाप्रतिष्ठान) : २०५१ साल,
  2. लाबाक धान (कवितासङ्ग्रह) २०५१ साल,
  3. त्रिशूली (स्व. माथुरद्वारा लिखित खण्डकाव्य) २०४९ साल,
  4. नेपालक मैथिली पत्रकारिता २०४४ साल,
  5. मैथिली लोकनृत्य भावभंगिमा एवं स्वरूप ( नेपाल राजकीय प्रज्ञा प्रतिष्ठान) २०६१,
  6. अन्तराष्ट्रिय मैथिली सम्मेलन आ नेपाल २०६५ साल,
  7. हम और तुम (हिन्दी कवितासंग्रह) २०६६ साल ।
  8. मैथिली नाटक-संग्रह (नाटक संग्रह) २०६७,
  9. महाकवि विद्यापति आ नेपाल निबन्ध संग्रह) २०६८,
  10. मैथिली लोक संस्कृति संगोष्ठी प्रतिवेदन,२०६९.
  11. लोकनायक सलहेस (निबन्ध संग्रह) २०६९ ।
  12. लोकनायक सलहेस( द्वितीय खण्ड) (निबन्ध संग्रह) २०७० ।

सम्मान

  1. नेपाल राजकीय प्रज्ञा-प्रतिष्ठान द्वारा प्रदत्त प्रथम ‘मायादेवी प्रज्ञापुरस्कार’ द्वारा सम्मानित : २०५२ साल,
  2. विद्यापति सेवा संस्थान, दरभङ्गा द्वारा ‘मिथिला विभूति’ सम्मान,
  3. शेखर प्रकाशन, पटना द्वारा ‘शेखर सम्मान’,
  4. नेपाली मैथिली साहित्य परिषद्, जनकपुरद्वारा ‘वैदेही प्रतिभा पुरस्कार’,
  5. अन्तराष्ट्रिय मैथिली सम्मेलन मुम्बई द्वारा ‘मिथिलारत्न’ सम्मान,
  6. मधुरिमा नेपाल द्वारा ‘मधुरिमा सम्मान’,
  7. चेतना समिति,पटना द्वारा यात्री चेतना पुरस्कार,
  8. साझा प्रकाशन द्वारा साझा लोक संस्कृति पुरस्कार (२०६८),
  9. विद्यापति मैथिली भाषा साहित्य पुरस्कार। २०६९)
  10. पार्वती प्रतिष्ठान, सिसोटिया सर्लाहीद्वारा ‘पार्वती सम्मान’ आदि दर्जनो सम्मान, पुरस्कार प्राप्त।

विशेष

  1. जनकपुरको बृहत् परिक्रमा (निर्देशन, लेखन) नेपाल टेलिभिजनबाट प्रसारित हुँदै आएको वृत्तचित्र।
  2. आध्यात्म र मोक्षको पवित्र भूमि : जनकपुरधाम, नेपाल टेलिभिजनमा प्रसारित आलेख वृत्तचित्र
  3. एकटा आओर वसन्त, मैथिली टेलिफिल्मको कथा, पटकथा एवं गीत लेखन ।
  4. अरिपन, गीति एलबम अपन गीतक संग प्रसारित।

सामाजिक सेवा

  1. अध्यक्ष, मैथिली साहित्य उत्सव, नेपाल
  2. अध्यक्ष, तराई जनजाति अध्ययन प्रतिष्ठान, जनकपुर
  3. अध्यक्ष, जनकपौर ललित कला प्रतिष्ठान, जनकपुर
  4. सचिव, दीनानाथ भगवती समाज कल्याण गुठी, जनकपुर
  5. राष्ट्रिय पार्षद, नेपाल पत्रकार महासंघ, धनुषा
  6. काठमाडौंमा आयोजित सार्कस्तरीय कवि गोष्ठीमा मैथिली भाषाको प्रतिनिधित्व गरेको
  7. नेपाल प्रज्ञाप्रतिष्ठानका पूर्व प्राज्ञ परिषद सदस्य
  8. पूर्व अध्यक्ष, साझा प्रकाशन सहकारी संस्था लि., पुलचोक, ललितपुर

विशेष उल्लेखनीय

  1. नेपालक पहिल आधुनिक कथा संग्रह “तोरा संगे जयबौ रे कुजबा”१९८४ ई. क प्रणेता।
  2. नेपालक पहिल आ आइ धरि एक मात्र साहित्यकार जकर कथा संग्रह “तोरा संगै जयबौरे कुजबा” क प्रकाशन बिहार (भारत) क सरकारी संस्था मैथिली अकादमी कएलक।
  3. सम्पूर्ण मैथिली साहित्यमे पहिल प्रेमपरक दीर्घकविता “नहि, आब नहि” क कवि ।
  4. नेपाल राजकीय प्रज्ञा-प्रतिष्ठानसँ पहिल बेर प्रदान कएल गेल “मायादेवी प्रज्ञा-पुरस्कार” (२०५२) क प्राप्तकर्ता जकर प्रशस्तिमे लिखल गेल छल-मैथिली भाषा साहित्य एवं मैथिली पत्रकारिताक क्षेत्रमे विशिष्ट योगदानक लेल।
  5. नेपालसँ प्रकाशित पहिल मैथिली समाचारपत्र “गामघर साप्ताहिक “क सम्पादन-प्रकाशन, जे अनवरत रूपें विगत तीस वर्षसँ प्रकाशित भए रहल अछि।
  6. नेपालसँ प्रकाशित पहिल आधुनिक कविता संग्रह “बन्न कोठरी औनाइत धुआँ”कवि।
  7. नेपालक पहिल मैथिली कवि जकर कविता बंगला भाषामे अनुवाद भई साहित्य अकादमी, दिल्लीक संग्रहमे छपल।
  8. पहिल साहित्यकार जकरा साझा प्रकाशन, ललितपुर द्वारा सर्वप्रथम “साझा लोक संस्कृति” पुरस्कार प्रदान कएल गेल।
  9. नेपालक पहिल मधेशी एवं मैथिली साहित्यकार जे साझा प्रकाशनक गरिमामय अध्यक्ष पद पर नियुक्त भेल आ प्रज्ञा-प्रतिष्ठानमे सदस्य नियुक्ति (२०६७, माघ २१ गते) धरि बनल रहल ।
  10. नेपालक पहिल मैथिली साहित्यकार जे सर्वप्रथम नेपाल प्रज्ञा-प्रतिष्ठानक प्राज्ञ सभा सदस्य बनल आ वादमे प्राज्ञ परिषद सदस्य सेहो वर्तमानमे अछि।
  11. साझा प्रकाशनक अध्यक्षक रूपमे पहिल बेर नेपाली बाहेक मैथिली समेतक भाषाक प्रकाशनक शुभारम्भ कएल, जाहिमे पहिल मैथिली बालकथा संग्रह “बगियाक गाछ” प्रकाशित भेल।।
  12. नेपालमे पहिल बेर काठमाण्डू अन्तर्राष्ट्रिय मैथिली सम्मेलन (२०६७) क सफलतापूर्वक आयोजन कएल, जकर उद्घाटन नेपालक राष्ट्रपति आ विसर्जन नेपालक उपराष्ट्रपति कएलनि ।
  13. काठमाण्डूमे आयोजित सार्कस्तरीय कवि गोष्ठीमे सर्वप्रथम नेपालक मैथिली कविक रूपमे प्रतिनिधित्व कएल।
  14. नेपालक पहिल साहित्यकार जकर रचना नेपालक पाठ्यक्रममे मात्र नहि विहारक मैथिली पाठ्यक्रममे सेहो पढाई भऽ रहल अछि।
  15.  नेपालक सर्वाधिक मौलिक रचनाक लेखक । एखन धरि तीन दर्जनधरि सभ पुस्तक प्रकाशित।
  16. तत्कालीन नेपाल राजकीय प्रज्ञा-प्रतिष्ठानक प्राज्ञ सभाक सदस्य होइते सर्वप्रथम प्रज्ञा-प्रतिष्ठानद्वारा मैथिलीमे “आँगन” पत्रिकाक प्रकाशन प्रारम्भ कएल ।

अन्य गतिविधि

  1. अन्तर्राष्ट्रिय मैथिली सम्मेलन, दिल्लीक आयोजनमे होब बला अन्तर्राष्ट्रिय सम्मेलनमे भारतक मुम्बई, कलकत्ता, चेन्नई, तीरुपति आ गुआहाटीमे नेपालक प्रतिनिधि मंडलके नेतृत्व करैत भाग लेल ।
  2. तहिना रायपुर छत्तिसगढ मे २०१३मे सम्पन्न अन्तराष्ट्रिय मैथिली सम्मेलनमे उदघाटनकर्ताक रुपमे सम्मिलित।
  3. “एकटा आओर वसन्त” फिल्मक निर्माण/कथा/पटकथा/सम्वाद/गीत लेखन ।
  4. नेपाल टेलिभिजन लेल जनकपुरधाम पर डकुमेन्ट्री लेखन/प्रदर्शन ।
  5. “सीता” लगायतक किछ नेपाली फिल्ममे गीत लेखन ।
  6. नेपाल सरकार संस्कृति मंत्रालयद्वारा गठित विद्यापति पुरस्कार कोषक विधान/मापदण्ड निर्धारण कार्यदलक सदस्य आ अन्तराष्ट्रिय स्तरक अवधारणा पत्र प्रस्तुत (वादमे एहिमे व्यापक परिवर्तन क) विवादित बनादेल गेल)।
  7. नेपाल पत्रकार महासंघक कार्यवाही अध्यक्ष (धनुषा) आ नेपाल प्रेस युनियन, (धनुषा)क अध्यक्षक रूपमे काज क चुकल।
  8. नेपाल प्रज्ञा-प्रतिष्ठानक प्राज्ञ सदस्यक हैसियतसं मैथिली लोक नाट्य जट-जटिनक गीत संकलन का तकरा रेकर्डिङ कराओल आ जटजटिनक कथानकके नाट्य रुपान्तर का मंचपर प्रदर्शित कएल जे अद्यावधिक जारी अछि।
  9. नेपाल प्रज्ञा-प्रतिष्ठानद्वारा राजा सलहेसपर नेपाल-भारतक विद्वान सभक गोष्ठी कएल आ कार्यपत्र सहित एकटा पुस्तक प्रज्ञा-प्रतिष्ठानसं “लोकनायक सलहेस” प्रकाशित कएल । तहिना मिथिलाक लोकगाथा नायक दीना भद्रीपर गोष्ठीक आयोजन आ पुस्तक प्रकाशन ।
  10. जनकपुरधाममे सर्वप्रथम “अखिल नेपाल मैथिली साहित्य परिषद्”क गठन २०३० सालमे कएल आ लगभग डेढ दशक धरि विद्यापति पर्व लगायत अन्य मैथिली गतिविधि संचालन कएल ।
  11. मैथिली पत्रिका “अर्चना” “आजुर” आ “गामघर” क माध्यमसँ आइ काल्हिक बहुतो मैथिली साहित्यकारके साहित्य क्षेत्रमे पदार्पणक अवसर प्रदान कएल।
  12. राष्ट्रिय, अन्तर्राष्ट्रिय स्तरक गोष्ठी, सेमिनार सभमे कार्यपत्र प्रस्तोता एवं सहभागिताक रूपमे आमंत्रित भा भाग लेल ।
  13. नेपाल प्रज्ञा-प्रतिष्ठानमे सर्वप्रथम विद्यापति स्मृति पर्व मनएबाक शुभारंभ कएल ।
  14. आजक तिथिमे नेपालमे मैथिली साहित्यक कोनो विधामे सर्वाधिक रचना लिखबाक श्रेय प्राप्त ।
  15. नेपाल सरकार, संस्कृति मन्त्रालयद्वारा राष्ट्रगानके मैथिली अनुवाद करएबाक कममे मैथिली अनुवादक हेतु विज्ञ मनोनीत कएलापर राष्ट्रगानके मैथिलीमे अनुवाद कए मूल गीतक संगीतकार अम्बर गुरुङसँ प्रमाणित करा मन्त्रालयमे बुझाओल ।
  16. सम्प्रति मैथिली, भोजपुरी, नेपाली, हिन्दी, अंग्रजी लगायतक भाषामे लेखन जारी ।