Sanatana religion

Under this Sanatan Dharma, Vedas, Vedanga, Smriti, Agam, Purana, religious literature written in all folk languages and all the texts created in Sanskrit come together, which has had an effect on Indian society. In the following articles, we will see how the same principles have been originally formulated throughout this vast tradition.Continue Reading

बी.एच.यू की स्थापना

वाराणसी-विद्यापरिषद् की योजनाको स्वर्गीय महाराजाधिराज रमेश्वरसिंह बहादुरने स्वयं अपने दस्तखतोंसे उपस्थित किया था। भारत-गवर्नमेन्टने इन तीनों योजनाओंके पेश होनेपर यह मत प्रकट किया कि, तीनों जबतक एकमत होकर हमारे सम्मुख नहीं आयेंगे, तबतक विश्वविद्यालयकी राजाज्ञा नहीं दी जायेगी। Continue Reading

होएत। एतए पंचमी विभक्ति मानि सीताकेँ मेनकाक पुत्री सिद्ध करबाक लेल जे कथा प्रचलनमे अछि से आदरणीय नहि। सीतायाः सदृशी भार्या त्रयमेकत्र दुर्लभम् मे सेहो सीताक समान भार्याक बात कहल गेल अछि। तें उपर्युक्त पंक्ति “प्राप्स्यस्यपत्यमस्यास्त्वं सदृशं रूपवर्चसा” मे अस्या शब्दमे पंचमी विभक्ति मानि सीताकेँ मेनकाक संतान मानब अनुचित अछि। तेँ एतए सादृश्यमे षष्ठी विभक्ति मानल जाएत। Continue Reading

Gandhi in Mithila

मुदा गाँधीजी एहेन परिस्थितिमे उत्तर बिहारक यात्रा कएलनि। अपेक्षा छल जे एहि ठामक जनताक सहायताक लेल ओ किछु ठोस काज करितथि। मुदा स्थिति एकर विपरीत रहल।
ओ बिहारक अनेक स्थान पर घुमलाह, भाषण देलनि, चंदा एकत्र कएलनि। आरम्भमे घोषणा कएलनि जे जे किछु जमा होएत तकर आधा भूकम्प राहत कार्यक लेल लगाओल जाएत आ आधा हरिजन मदमे देल जाएत। मुदा अपन घोषणाक विपरीत जखनि 8,833 रुपया जमा भेल तँ 4,000 रुपया हरिजन फंडमे देलनि।Continue Reading

Ramagya Shashidhar

प्रोफेसर रामाज्ञा शशिधर बीएचयू में हिन्दी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। मधुबनी से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र मैथिल पुनर्जागरण प्रकाश के सम्पादकीय…. Prof. Ramagya Shashidhar हिन्दी के प्रसिद्ध व्यङ्ग्यकार हरिशंकर परसाई ने ठीक ही कहा है-  “हममें से अधिकांश ने अपनी लेखनी को रंडी बना दिया है, जो पैसों केContinue Reading

मैथिली भाषा

एखनि हम मैथिलीक विभिन्न विद्वान् आ सामान्य जन दुहूक लिखल लगभग 40 टा आलेख कें एक पुस्तक में संकलित कए ओकर सम्पादन कए रहल छी। एहि क्रममे हमरा परसर्गक रूपमे ‘के’ एवं ‘से’क प्रयोग मे एतेक विविधता आ भ्रान्ति भेटल जे ओहि पर लिखब आवश्यक बुझाइत अछि। ई दुहू हिन्दीकContinue Reading

दुर्गापूजा में पट लगाना

पटना में कई जगहों पर स्थायी दुर्गा-मन्दिर हैं, जहाँ सालों भर माँ की पूजा होती है। इन मंदिरों में स्थायी स्थापित मूर्तियाँ हैं औऱ विधान के साथ प्रतिदिन पूजा होती है। भक्तगण प्रत्येक दिन दर्शन का लाभ लेते हैं। सन्ध्याकाल प्रतिदिन आरती होती है, जिस समय काफी भीड़ रहती है।Continue Reading

First Indian Lady teacher

एक महिला ने काशी में जाकर 18वीं शती में स्कूल खोलकर महिलाओं और खासकर विधवाओं को पढ़ाने-लिखाने का कार्य आरम्भ किया। पर, इतिहास से उसका नाम मिटा दिया गया।Continue Reading

टुकड़े-टुकडे गैंग

मैथिलीक जाहि स्वरूपक ओ विरोध करैत छथि ओही स्वरूपक व्यवहार जखनि सम्पादक स्वयं करैत छथि तखनि ऊपरमे लिखल सभटा बात केवल आगि लगएबाक साधन थीक आ एकरे कहैत छै- अगिलेसुआक कथा।Continue Reading

कुलधर्म

हम इतिहास को उलट कर देखें तो पता चलेगा कि यूरोपीयन प्रभाव के कारण सबसे पहले तथा सबसे अधिक प्रभावित हमारे पारम्परिक उत्पादक वर्ग हुए,Continue Reading