manuscript from Mithila

आज हम छपी हुई किताबें खरीदते हैं और पढ़कर अनेक तरह की जानकारी पाते हैं। आधुनिक काल में पुस्तकों का प्रकाशन डिजिटल प्रिंटिंग, ऑफसेट प्रिंटिंग आदि के द्वारा होता है लेकिन कम्प्यूटर के आने से पहले सभी अक्षर लोहे से बनते थे, जिन्हें एक दूसरे से जोड़कर एक-एक पृष्ठ काContinue Reading

manuscript price

प्रत्येक 32000 अक्षरों के लिए एक रुपया यानी बारह आना. इस दर से महाभारत की कीमत साठ रुपये। रामायण की कीमत चौबीस रुपये, श्रीमदभागवत की अठारह और अन्य पुस्तकों के आकार के हिसाब से कीमत चुकानी पड़ती है. जिस कागज़ से पुस्तकों की प्रति लिपियाँ तैयार की जाती हैं उन्हें तुलात कहा जाता है. कीटाणुओं से बचाव के लिए इनमें एक ख़ास रंग का उपयोग किया जाता है जो पीले रसायन और इमली के रस से तैयार किया जाता है.Continue Reading