केसरिया स्तूपसँ गायब भेल दशावतार मूर्तिक शिलालेख
पछवारि मिथिलामे अवस्थित केसरिया स्तूप एखनि बौद्ध पुरातात्त्विक केन्द्र मानल जाइत अछि, मुदा ओहिठाम सँ अतीतमे जे एकटा दशावतारक मूर्ति भेटल छल, ओहि पर शिलालेख सेहो छल, ताहि मूर्तिक कोनो उल्लेख बादमे नहिं भेटि रहल अछि। Continue Reading
म.म. मधुसूदन ओझा तथा उनकी कृति “पुराणपुराणनिर्माणाधिकरणम्”
पं. मधुसूदन शर्मा मैथिल आधुनिक भारतीय विद्वानों में अग्रगण्य माने जाते हैं। उन्होंने हमेशा भारतीय परम्परा की रक्षा के लिए अनेक ग्रन्थों की रचना की, जिनमें से कई आजतक अप्रकाशित हैं। 19वीं शती के अन्तिम समय से 20वीं शती के आरम्भ में उन्होंने इन ग्रन्थों की रचना की। Continue Reading
मिथिला की गंगा के तट का माहात्म्य
मिथिला की गंगा के तट का माहात्म्य, चौमथ घाट एवं सिमरिया के सन्दर्भ में यह आलेख 2016 ई. में बेगूसराय, संग्रहालय के वार्षिकोत्सव के अवसर पर पढ़ा गया है)Continue Reading
हरितालिका व्रतक मैथिली कथा
एक दिस आकक माला गूथल केश छनि आ दोसर दिस मूडीक हड्डीके माला माथ पर धारण केने छथि। एक दिस सुन्दर पटोर पहिरने आ दोसर दिस विना कपडा पहिरने छथि। एहन गौरी कें प्रणाम आ महादेव कें प्रणाम।Continue Reading
मिथिलामे हरितालिका व्रतक संस्कृत कथा
मिथिलाक परम्परानुसार हरितालिका व्रतक कथा संस्कृतमे अछि। ई मूल कथा जे संस्कृत भाषामे अछि से ऋषि-मुनिक वाणी थीक तें ओ शब्द सुनला-पढलासँ सेहो फल भेटैत छैक…Continue Reading
मिथिलामे हरितालिका व्रतक विधान
भाद्र शुक्ल तृतीयाकें प्रदोष कालमे सदा सुहागिन रहबाक कामना सँ नारी हरिताली व्रत करथि। भिनसरमे थोडबो काल जँ तृतीया अछि आ तकर बाद चतुर्थी भए जाइत छैक तैयो ओही दिन व्रत होएत। साँझमे जँ चौठ पडि जाइत छैक तँ कोनो हर्ज नै।Continue Reading
Gauri-shankar at Hajipur, हाजीपुरक गौरीशंकर मन्दिरमे मिथिलाक्षरक अभिलेख
हाजीपुरमे मस्जिद चौक लग लालकोठीक कातमे एकटा गौरीमुख शिवलिंग स्थापित छथि जतए किछु दशक पूर्व एकटा नव मन्दिर बनाओल गेल अछि। ई शिवलिंग अपन अनेक विशेषताक कारणें आध्यात्मिक आ ऐतिहासिक दृष्टिसँ महत्त्वपूर्ण अछि।Continue Reading
दरभंगा क महाराज रुद्रसिंह क काल मे तिरहुत भारत क सभसँ धनी राज्य
महाराज रुद्र सिंहक शासनकालमे कतेक सम्पत्ति छल आ राज दरभंगाक वार्षिक आमद कतेक छल तकर विवरण एतए भेटत। सूनिके आश्चर्य लागत जे अंगरेज सेहो ई मानैत छल जे राज दरभंगा प्रायः भारतक सभसँ धनिक राजा छथि।Continue Reading
अमावस्याक दिन सोमक योग- सोमवती अमावस्याक कथा आ मिथिलाक लोक-व्यवहार
सोमवारी अमावस्याक ई कथा स्पष्ट रूपसँ कहैत अछि जे ईश्वरक उपासना आ ओकर प्रभावक सन्दर्भमे जातिक कोनो विचार नै रहबाक चाही। ई कथा भारतीय परम्परामे जाति-निरपेक्षताक स्थिति स्पष्ट करैत अछि।Continue Reading
अफीम कमीशनमे महाराज लक्ष्मीश्वर सिंह
नशाक रूपमे अफीमक प्रयोग रोकबाक लेल 1893 मे एक समितिक गठन भेल छल, जाहिमे राज दरभंगाक महाराज लक्ष्मीश्वर सिंह सेहो रहथि।Continue Reading







