शिक्षाक क्षेत्रमे दरभंगा महाराज रुद्रसिंहक द्वारा कएल गेल काज
भागलपुरमे ई विद्यालय खोलबाक लेल कुल व्यय 1,370 रुपया आँकल गेल जाहिमे 600 रुपयाक व्यवस्था महाराज रुद्रसिंहक द्वारा देल गेल।Continue Reading
मिथिलामे नोनीक विनाशलीला आ ओकर व्यापार
मिथिलाक प्राचीन संस्कृति, परम्परा आ इतिहास पर विचार करबाक कालमे हमरालोकनिकें एकर पुरान प्राकृतिक स्वरूप कें ध्यान राखए पड़त। आ एही क्रममे हमरालोकनि एकटा प्रमुख घटकक रूपमे नोनी कें पबैत छी।Continue Reading
मिथिलामे सुआसिनक सम्मान
तें हमरालोकनिक परम्परा पर ई आरोप
लगाएब जे एतए लिंग-भेद कएल गेल अछि, भ्रम मात्र थीक। बेटा आ बेटीक दूनूक सम्मान अपन-अपन स्थान पर देल गेल अछि।Continue Reading
दरभंगा महाराज लक्ष्मीश्वर सिंह द्वारा अकाल राहत कोष
1897 ई. में वेल्स सँ प्रकाशित समाचार पत्रमे कहल गेल अछि जे राज दरभंगाक द्वारा अकाल पीडित जनताक लेल 16,00,000 रुपया कएल गेल।Continue Reading
माँ दुर्गा की पूजा सामाजिक समरसता को बढ़ाबा देता है, यहाँ कोई भेद-भाव नहीं
शक्ति शब्द किसी कार्य को करने के सामर्थ्य भाव दर्शाता है। शक्ति चूँकि स्त्रीलिंग शब्द है, इसमें क्तिन् प्रत्यय लगा हुआ है अतः प्राचीन काल से शक्ति की उपासना देवी के रूप में की जाती रही है।Continue Reading
गंगा माता की उपासना धर्मशास्त्र एवं लोक-परम्परा के सन्दर्भ में
गंगा भारत की नदियों में श्रेष्ठ मानी गयी है। ऋग्वैदिक काल से आजतक इसकी महिमा गायी जाती रही है। यहाँ तक कहा गया है कि गंगा के जल को स्पर्श करनेवाली वायु के स्पर्श से भी सभी पाप नष्ट हो जाते हैं।Continue Reading
पटना रेलवे स्टेशन का ऐतिहासिक ताँगा-स्टैंड और उस पर लिखा शिलालेख
इतिहास को सुरक्षित रखने में हमलोग बहुत पीछे रहे हैं। हम केवल अपना वर्तमान देखते हैं। एक ऐसी ही घटना पटना में भी घटी है।Continue Reading
कोइलख
विवेच्य पुस्तक कोइलख गामक सारस्वत परम्पराक इतिहास थीक। एहिमे 39 दिवंगत एवं 6 जीवित व्यक्तिक परिचयक संग हुनक कृतिक सूचना संक्षेपमे देल गेल अछि। Continue Reading
पण्डित गणनाथ झा रचनावली
विवेच्य ग्रन्थमे म.म. डा. सर गंगानाथ झा द्वारा संकलित आ प्रकाशित गणनाथ-पदावली तथा विन्ध्यनाथ पदावली कें हुनक भूमिकाक संग अविकल रूपसँ संकलित कएल गेल अछि।Continue Reading
गावो मे मातर: सन्तु
जहाँ एक गाय को बचाने के लिए दिलीप-जैसे प्रतापी राजा अपना शरीर तक त्याग कर देने की बात करें, वहाँ गाय को मारकर खाने की बात करना बकबास है।Continue Reading









