मिथिलाक परम्परामे रामनवमी-पूजाक विस्तृत विधि, (प्राचीन पाण्डुलिपिसँ सम्पादित)
एहि पद्धतिक दू टा पाण्डुलिपि हमरा लग उपलब्ध अछि। एकटामे कथाक संग संक्षिप्त पद्धति देल छैक आ दोसरमे कथाक संग विस्तृत पद्धति अछि।Continue Reading
नाह्निदत्तकृत नाह्निदत्तपञ्चविंशतिकाक व्याख्या
मिथिलाक ज्योतिष परम्परामे नाह्निदत्त कृत पंचविंशतिका एकटा महत्तवपूर्ण ग्रन्थ अछि। एकर व्याख्या म.म. रुचिपति (15म शती) केने छथि। एकर पाण्डुलिपि एतए देखल जा सकैत अछि।Continue Reading
मिथिलामे तान्त्रिक स्नान-विधि
नदी इत्यादि स्नान योग्य जलाशय जाय तर्ज्जनी मध्य चानीक अनामिका मध्य सोनक पवित्री पहैरि स्वकीय कल्पोक्त प्रकारें वैदिक स्नान कय तान्त्रिक स्नान करी।Continue Reading
तन्त्रसाधकक लेल दैनिक कर्म
मिथिलाक परम्परामे तन्त्रक महत्त्व सर्वविदित अछि। एतय तान्त्रिकलोकनि एहि विधिसँ अपन समस्त दैनिक कर्म करैत साधना करैत छथि।Continue Reading
मिथिलाक परम्परामे दीक्षा-विधि
एहि विधिकें मिथिलामे मन्त्र-ग्रहण सेहो कहल जाइत छैक। ई तान्त्रिक परम्परामे दीक्षा थीक। एकरे मिथिलासँ बाहर गुरुमुख होएब कहल जाइत अछि।Continue Reading
भरदुतियाक नोंत- बहिनक आध्यात्मिक शक्ति
एहि दिन मिथिलामे सभसँ पहिने आँगनसँ दरुखा धरि बाट निपबाक प्रथा अछि। भाव ई छैक जे भाइ बाहरसँ औताह तँ हुनका लेल बाट नीपि राखल जाए।Continue Reading
मिथिलाक पद्धतिक अनुसार सरस्वती पूजाक पद्धति आ विधि-विधान
सरस्वतीपूजा मिथिलामे बड प्रचलित अछि। घरे-घरे मूर्ति अथवा फोटोक पूजा होइत अछि। एहि दिन पुरोहितक सर्वथा अभाव रहैत अछि, कारण जे सभ केओ अपनहिं घरमे करए चाहैत छथि। एहि कारणें मैथिल परम्परासँ प्राप्त पूजाविधिक लोप भेल जा रहल अछि।Continue Reading
Standardization of Mithilakshar script
हमरालोकनि देखि चुकल छी जे 10म शतीसँ 19म शती क पूर्वार्द्ध धरि मिथिलाक्षरक स्वरूप अपरिवर्तित रहल अछि। केवल द अक्षरमे विशेष परिवर्तन भेल जे नागरीक समान रूप छोडि लगभग 15म शतीमे अपन वर्तमान स्वरूपमे आबि गेल।Continue Reading
History of Panji in Mithila and its relevancy
मिथिलाक पंजी एकटा आनुवंशिक विवरणी थीक, जाहिमे व्यक्तिक परिचयक लेल निम्नलिखित छह सूचना देल गेल अछि- पिता, मातामह एवं माता के मातामहक नाम आ एहि तीनूक मूल-ग्रामक नाम। Continue Reading
भूत आ प्रेत की थीक? लोक केँ किएक डर होइत छैक?
भूत आ प्रेत ई दूनू शब्द अंधविश्वास आ डरक पर्याय बनि गेल अछि। भारते नहिं, सम्पूर्ण विश्वमे अनेक खिस्सा-पिहानी गढि कए, “हॉरर” सिनेमा बनाकए खूब व्यापार कएल गेल अछि।Continue Reading








